डॉक्टर की लापरवाही ने उजाड़ दीं खुशियां जच्चा-बच्चा दोनों की मौत, अस्पताल पर ताला लगाकर स्टाफ फरार

डॉक्टर की लापरवाही ने उजाड़ दीं खुशियां जच्चा-बच्चा दोनों की मौत, अस्पताल पर ताला लगाकर स्टाफ फरार
मैनपुरी शहर के बिछिया रोड निवासी एक परिवार के लिए खुशियों का दिन मातम में बदल गया। थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ‘ज्योतिका आरोग्य धाम’ अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ की घोर लापरवाही के कारण एक नवजात शिशु और उसकी मां की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
इलाज में लापरवाही पीड़ित देवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी अंबिका सिंह को 8 फरवरी 2026 की शाम डिलीवरी के लिए डॉ. पूनम पाठक के पास भर्ती कराया था। रात 1:32 बजे बेटे का जन्म हुआ, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने सच्चाई छिपाई।
अस्पताल का गैर-जिम्मेदाराना रवैया जब पति ने अपने बच्चे को देखा तो वह मृत अवस्था में था और पत्नी की हालत अत्यंत नाजुक (मरणासन्न) थी। पूछने पर अस्पताल प्रबंधन ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और आनन-फानन में जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
सैफई में मृत घोषित जिला अस्पताल से सैफई मेडिकल कॉलेज ले जाने पर डॉक्टरों ने अंबिका सिंह को मृत घोषित कर दिया और बताया कि उनकी मृत्यु काफी समय पहले ही हो चुकी थी।
अस्पताल में ताला बंद: जब पीड़ित अपनी पत्नी के शव को लेकर वापस ‘ज्योतिका आरोग्य धाम’ पहुँचा, तो डॉ. पूनम पाठक और उनका पूरा स्टाफ अस्पताल में ताला लगाकर फरार हो चुका था।
पुलिस की कार्रवाई सूचना मिलने पर पीआरवी 112 मौके पर पहुँची। पुलिस ने बंद अस्पताल से मृत बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पीड़ित परिवार को दिलाया।
वाइट – गिरिजेश कुमार






