दरगाह हजरत शेखू सूफी मुनव्वर शाह चिश्ती रहमतुल्ला आले के 450 वा दो दिवसीय सालाना उर्स मुबारक।।

संवाददाता=राशिद अहमद
दरगाह हजरत शेखू सूफी मुनव्वर शाह चिश्ती रहमतुल्ला आले के 450 वा दो दिवसीय सालाना उर्स मुबारक।।
आगरा टीला पाय चौकी स्थित दरगाह हजरत सूफी मुनव्वर शाह चिश्ती रहमतुल्ला आले के 450 में दो दिवसीय सालाना उर्स मुबारक के मौके पर बड़ी ही धूमधाम से आगरा शेखू कामेटी द्वारा उर्स मुबारक बड़ी ही शान ओ शौकत वा अकीदत से मनाया गया।
दरगाह के सज्जाद नशीन सूफी किलोआ चिश्ती ने बताया कि हर साल बाबा के उर्स मुबारक में बड़ी ही अकीदत के साथ दूर-दूर से बाबा के चाहने वाले अपनी हाजिरी लगाकर अपनी मन्नतें बाबा के दरबार में मांगते हैं और बाबा के वसीले से अल्लाह तबारक ताला उन सभी मुरादों को पूरी करता है
बाबा के दरबार में हर एक धर्म जाति का व्यक्ति अपनी हाजिरी पेश करता है बाद नमाज असर चादरपोशी एवं फातिहा का आयोजन किया गया बाग नमाज मगरिब लंगर तकसीम किया गया वही बाद नमाज ईशा महफिल या कव्वाली का आयोजन देर रात्रि तक चला बाहर से आए हुए कव्वालों ने बाबा की शान में अपने-अपने कलाम पेश कर हाजिरी लगाई वही दरगाह शेखू कामेती के नवेद ने बताया कि बाबा के दरबार में हजारों लोग उर्स मुबारक के मौके पर अपनी हाजिरी लगाते हैं और अपनी मन्नतें इस दरबार से पाते हैं वालियों के दरबार में आकर अपनी परेशानियों को बताने से ही अल्लाह तबारक ताला उन सभी परेशानियों को दूर करता है इन वालियों के दरबारों से हमेशा मोहब्बत का पैगाम जाता है इन दरबारों से हमेशा मोहब्बत ही मिलती है सूफी संत ने कभी भी नफरत का पैगाम नहीं दिया सूफी संत के पास जो भी आया वह मोहब्बत लेकर ही गया उर्स मुबारक के दूसरे दिन आज 16 मई 2026 दिन शनिवार बाद नमाज फजर कुरान का पाठ पढ़ा गया वही सारा दिन चादरपोशी दरगाह पर की गई बाहर नमाज असर कुल शरीफ की रस्म एम रंग की महफिल के साथ अदा की गई वही देश के लिए अमन चैन खुशहाली की दुआ भी दरगाह के वसीले से की गई।
उर्स मुबारक की व्यवस्था संभालने वालों में मुख्य रूप से मोहम्मद नावेद अहमद बाबा, मोहम्मद मोईन, मोहम्मद सोहेल, मोहम्मद अजहर, मोहम्मद मोहसिन, मोहम्मद सुफियान, मोहम्मद अरबाज, मोहम्मद सोहेल आदि लोग शामिल रहे।।




