?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed direc ?> >head> 1-संत गाडगे महाराज मानव सेवा को ही ईश्वर पूजा मानते थे…….. अनूप मिश्रा नेता राज्य कर्मचारी संघ 2-संत गाडगे बाबा कीर्तन के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, शिक्षा, अंधविश्वास उन्मूलन और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया……..विमल किशोर सबरा, सामाजिक चिन्तक  – Bharat Live21 News
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1-संत गाडगे महाराज मानव सेवा को ही ईश्वर पूजा मानते थे…….. अनूप मिश्रा नेता राज्य कर्मचारी संघ 2-संत गाडगे बाबा कीर्तन के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, शिक्षा, अंधविश्वास उन्मूलन और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया……..विमल किशोर सबरा, सामाजिक चिन्तक 

रायबरेली

1-संत गाडगे महाराज मानव सेवा को ही ईश्वर पूजा मानते थे…….. अनूप मिश्रा नेता राज्य कर्मचारी संघ 2-संत गाडगे बाबा कीर्तन के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, शिक्षा, अंधविश्वास उन्मूलन और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया……..विमल किशोर सबरा, सामाजिक चिन्तक

 

 

आज दिनांक 23/02/2024 को रायबरेली निकट जिलाधिकारी आवास,सन्त गाडगे चौक पर स्थित  सन्त गाडगे बाबा प्रतिमा स्थल पर रायबरेली के अम्बेडकरवादी, बहुजनवादी, संविधान पसन्द ,समतावादी, धम्म से जुड़े विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में  स्वच्छ भारत अभियान के प्रणेता एंव मानवता के महान उपासक, समाज सुधार आन्दोलन के प्रेरणादायक राष्ट्र सन्त गाडगे जी महाराज की 150 वीं जयंती के अवसर पर उनके दर्जनों अनुयायियों द्वारा श्रद्धासुमन अर्पित किया गया और उनके जीवन संघर्षों और किये गये सामाजिक योगदान पर  याद करते हुए वैचारिक संगोष्ठी  कर सामाजिक एकता के रूप में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता संत गाडगे बाबा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमलेश चौधरी एंव संचालन बहुजन चिन्तक राजेश कुरील ने किया। कार्यक्रम में आये, राज्य कर्मचारी नेता अनूप मिश्रा, एंव बहुजन, सामाजिक चिन्तक मदन लाल, विमल किशोर सबरा, राम शरण प्रसाद, राजेन्द्र बौद्ध, मुकेश रस्तोगी, ने विचार व्यक्त करते हुए कहा गाडगे बाबा एक महान भारतीय संत, समाज सुधारक और स्वच्छता के अग्रदूत थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन दलितों, गरीबों और वंचितों की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने कीर्तन के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, शिक्षा, अंधविश्वास उन्मूलन और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। वे झाड़ू को अपना प्रतीक मानकर गाँव-गाँव सफ़ाई करते थे और मानव सेवा को ही ईश्वर पूजा मानते थे। कार्यक्रम में गंगा प्रसाद निर्मल, सूबेदार हरि प्रसाद शास्त्री,गंगा किशुन, एडवोकेट घनश्याम निर्मल, सेराज उर्फ साजन, मास्टर श्रीराम, राम सहाय, एडवोकेट अभय सोनकर, एडवोकेट, अवधेश आर्या, शिव कुमार बौद्ध, आदि दर्जनों अनुयायियों ने श्रद्धासुमन अर्पित कर सेवा,समर्पित भाव से गाडगे बाबा के विचारों को बहुजन समाज में ग्रामीण स्तर पर जन जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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